मैं जिसकी मुस्कुराहटो पे जीता मरता था,
जैसे मुझसा बुरा दुनिया में कोई और नहीं।
तन्हाई में आँखों से जब भी आँसू गिरते हैं,
तो फिर इस बीमारी की दवा क्यों नहीं मिलती?
कि अब मैं अपने आप से भी ख़फ़ा रहने लगा हूँ…
और जो प्यार की क़द्र करता है, उससे कोई प्यार नहीं करता।
तारीफो के मोहताज नहीं होते कभी अच्छे लोग,
वो पत्रा पलटते है और मैं किताब जला देता हु…!
डूब जाते है आँखों में ख्वाबो के सभी जहाज,
क्या कहें जनाब… यहाँ ज़िन्दगी भी कफ़न ओढ़कर जीनी पड़ती है,
वरना वक्त की धूल में बिखरकर खो जाते हैं।
तुमने रास्ते बदले Sad Shayari in Hindi तो मैने सफ़र ही छोड़ दिया।
यूँ भरी महफ़िल में तमाशा ना बनाया करो।
ज़ख़्म दिल में लिखे थे… लोगों ने मज़ाक समझ लिया,